👉खयाल की परिभाषा व प्रकार आधुनिक युग में शास्त्रीय संगीत गायन में सबसे अधिक लोकप्रिय गायन शैली ख्याल गायन है। शास्त्रीय संगीत गायन के कार्यक्रमों संगीत की महफिलों, रेडियो, दूरदर्शन पर भी मुख्य रूप से इसी गायन शैली का प्रदर्शन किया जाता है। ख्याल गायन का अविष्कार 15वीं शताब्दी में सुल्तान हुसैन शकिऀ के द्वारा हुआ माना जाता है इससे पहले धु्पद नाम की गायन शैली का ही प्रचार था। किसी भी राग के नियमों का पालन करते हुए जब गायक शब्दों में स्वरों को अपनी कल्पना और कला कौशल से भिन्न भिन्न प्रकार के अलावा व तानों से सजाकर राग प्रस्तुत करता है तो उसे ख्याल गायन कहते हैं। ख्याल गायन दो प्रकार के हैं 👉बड़ा ख्याल 👉छोटा ख्याल बड़ा ख्याल बड़ा ख्याल विलंबित लय में गाया जाता है। इसके दो भाग स्थाई और अंतरा होते हैं। संगीत सम्मेलनों में कलाकार पहले बड़ा ख्याल भी गाता है। इसकी प्रकृति गंभीर होने के कारण श्रोताओं पर इस गायन का विशेष प्रभाव पड़ता है। गायक अपनी कला का सर्वाधिक प्रदर्शन इस गायन द्वा...
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