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#संगीत गायन (Part 6.3) #सप्तक की परिभाषा और सप्तक के प्रकार | Indian Music Theory

  👉सप्तक की परिभाषा और सप्तक  के प्रकार। 3👉सप्तक की परिभाषा        जब सा रे ग म प ध नि सात स्वरों को गाते हैं तो  इस क्रमिक स्वर समूह को संगीत में सप्तक कहते हैं। एक सप्तक में शुद्ध, कोमल और तीव्र कुल मिलाकर 12 स्वर होते हैं। सप्तक के ये स्वर क्रमशः एक दूसरे से ऊंचे होते जाते हैं जैसे सा से ऊंचा रे और रे से ऊंचा ग आदि।           वैज्ञानिक दृष्टि से प्रत्येक ध्वनि में कंपन होता है इसे आंदोलन भी कहते हैं। जैसे-जैसे स्वरों का ऊंचा पन पड़ता है उनमें होने वाले आंदोलनों की संख्या भी बढ़ती है।       ऊपर वर्णित स्थिति से यह स्पष्ट हो जाता है ना जितनी ऊंची होती जाएगी उस में होने वाले आंदोलनों की संख्या भी बढ़ती जाएगी और आवाज के नीचे होने के साथ-साथ आंदोलनों की संख्या भी कम होती जाएगी।     आवाज की दृष्टि से सप्तक कई हो सकते हैं लेकिन भारतीय संगीत में साधारणतया तीन सप्तकों में ही गायन होता है।   👉सप्तक के प्रकार   1.👉  मध्य सप्तक   2.👉 मंद्र सप्तक   3.👉 तार सप्तक   1.👉 मध्य सप्...