स्वर के प्रकार हिंदुस्तानी संगीत में कुल स्वर 12 होते हैं। 12 स्वरों को जानने के लिए हमें यह पता होना चाहिए कि इन 12 स्वरों में से शुद्ध स्वर कितने हैं और अशुद्ध स्वर कितने हैं। हमारे संगीत में कुल 7 शुद्ध स्वर होते हैं जिनके नाम निम्नलिखित है- सा रे ग म प ध नि। इनके अतिरिक्त पांच अशुद्ध स्वर होते हैं, जोकि निम्नलिखित है- रे॒, ग॒,ध॒,नी॒ और म॑ इस प्रकार कुल 12 स्वर होते हैं। जो 5 अशुद्ध स्वर है उनको विकृत स्वर भी कहा जाता है अशुद्ध या विकृत स्वर उन्हें कहा जाता है जो स्वर अपने शुद्ध स्थान को छोड़कर शुद्ध स्थान से पहले या बाद में प्रयोग किए जाते हैं। इन्हें चल स्वर भी कहते हैं। क्योंकि यह स्वर अपने शुद्ध स्थान को छोड़ देते हैं। जो स्वर अपना शुद्ध स्थान छोड़कर एक स्वर पहले प्रयोग होते हैं उन्हें कोमल स्वर कहते हैं जो कि निम्न लिखित है - रे॒, ग॒, ध॒, नि॒ इन स्वरों के नीचे चिन्ह रूप में लेटी रेखा लगाई जाती है। इसके अतिरिक्त जो स्वर अपना शुद्ध स्थान छोड़कर एक स्वर बाद में प्रयोग होता है उसे तीव्र स्वर कहते हैं जोकि निम्नलिखित है- म॑ तीव्र स्वर एक ही होता ह...
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