PART -2.4 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1. तानपुरे के अंगो का वर्णन। 2. राग काफी का शास्त्रीय परिचय। 3. झप ताल का परिचय। 4. सितार के अंगो का परिचय।
PART -2.4 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1. तानपुरे के अंगो का वर्णन। 2. राग काफी का शास्त्रीय परिचय। 3. झप ताल का परिचय। 4. सितार के अंगो का परिचय। उक्त परिभाषाओं से संबंधित नीचे बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर प्रस्तुत है- प्रश्न 1. तानपुरे का प्रयोग किस में विशेष महत्व रखता है। उत्तर- गायन में। प्रश्न 2.तानपुरा किस की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं बजाया जाता। उत्तर-सितार की तरह। प्रश्न 3. तानपुरे में किसके सहारे गायन होता है। उत्तर- झंकार के सहारे। प्रश्न 4. तानपुरे में कुल कितने तारे होते हैं। उत्तर- चार। प्रश्न 5.तानपुरे का सबसे पहला तार कौन-कौन स्वर से मिलाया जाता है। उत्तर- मंद्र सप्तक के पंचम से या आवश्यकतानुसार माध्यम से। प्रश्न 6.तानपुरे के बीच की दोनों तारे क्या कहलाती है। उत्तर- जोड़ी के तार। प्रश्न 7. तानपुरे के बीच की दोनों तारे गायकस्वर से मिलाता है अपनी आवश्यकता के अनुसार। उत्तर- मध्य सप्तक के सा स्वर में। प्रश्न 8. तानपुरे में सबसे पहले कौन सी तारों को मिलाया जाता है। उत्तर- बीच की दोनों तारों को। प्रश्न 9.तानपुरे का चौथा तार कौन से स्वर में मिल...