Sangeet Gayan | Part- 6.7 | #स्थाई और #अंतरा की परिभाषा | Definition of sthai and antra in music | indian music theory
👉 स्थाई और अंतरा की परिभाषा प्रत्येक गीत, भजन या लोकगीत आदि के 2 भाग होते हैं इन्हीं दो भागों को स्थाई और अंतरा कहते हैं 👉स्थाई गीत के पहले भाग को स्थाई कहते हैं। इस भाग को बार-बार गाया जाता है। स्थाई मुख्य रूप से मंद्र और मध्य सप्तक के स्वरों में गाई जाती है। 👉 अंतरा गीत के दूसरे भाग को अंतरा कहते हैं। किसी गीत के अंतरे एक से अधिक भी हो सकते हैं। यह अधिकतर मध्य और तार सप्तक के स्वरों में गाया जाता है प्रत्येक अंतरे के समाप्त होने पर गायक स्थाई की पंक्तियां गाकर अगला अंतरा गाता है। ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ ENGLISH TRANSLATE ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ 8.👉 Definition of Sthai and Antra Each song, bhajan or folk song etc. has 2 parts, these two parts are called permanent and antara (Sthai and Antra). Sthai The first part of the song is called Sthai. This part is sung again and again. Permanent is sung mainly...