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Sangeet Gayan (Part- 8.1) The place of music in human life, Definition of raga and rules of raga

  Sangeet Gayan (Part- 8.1) The place of music in human life, Definition of raga and rules of raga 1.👉मानव जीवन में संगीत का स्थान 2👉राग की परिभाषा और नियम 1.👉मानव जीवन में संगीत का स्थान       मानव जीवन के कण-कण में संगीत समाया हुआ है। संगीत मानव हृदय की सुख-दुख और हर्षोल्लास की अभिव्यक्ति का सर्वोत्तम माध्यम रहा है। व्यक्ति अपनी अनेक भावनाओं को कभी गाकर या कभी नाच कर संगीत द्वारा प्रकट करता आया है। जन्मोत्सव विवाह तथा तीज त्योहारों आदि सभी में संगीत की मधुर ध्वनि सुनाई देती है। यही मधुरता उसके जीवन की नीरसता को समाप्त करके उसे सरस बनाती है।  हमारा कोई भी पर्व अथवा उत्सव ऐसा नहीं है जिसे संगीत के मधुर स्वरों से ना सजाया जाता हो। होली के रंग भरे रसिया, तीज के मदमस्त झूलों के गीत तथा बसंत की मादक हवा में लहराते बसंती गीत सभी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन गीतों को सुनकर हर व्यक्ति मस्ती से झूमने लगता है।  अनादि काल से संगीत मानव को अनंत शांति व आनंद प्रदान करता आ रहा है। महान संतों व महात्माओं ने भी परम ब्रह्मा से अपना संबंध संगीत द्वारा ही जोड़ा है। उनकी द...