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Sangeet Gayan | part 6.6 | #अलंकार की परिभाषा | definition of #Alankar in indian music | indian music theory

 

👉 अलंकार की परिभाषा



अलंकार का साधारण अर्थ है आभूषण। जिस प्रकार आभूषणों से स्त्री की सुंदरता बढ़ती है तथा चंद्रमा से रात्रि की, उसी प्रकार अलंकार से गायन और वादन की शोभा बढ़ती है। संगीत में नियमित स्वर समूह को अलंकार कहते हैं।


अलंकारों को पलटे भी कहते हैं। संगीत के प्रत्येक विद्यार्थी को सबसे पहले अलंकार ही सिखाए जाते हैं। इससे उन्हें स्वर ज्ञान भी प्राप्त होता है तथा गायन का अभ्यास भी हो जाता है। प्रत्येक अलंकार का आरोह अवरोह होता है तथा उसमें स्वर भी क्रम से लगाए जाते हैं।











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ENGLISH TRANSLATE

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6.👉 Definition of Alankar (Ornaments)


Alankar simply means ornament. Just as jewelery enhances the beauty of woman and from moon to night, similarly the ornamentation enhances the beauty of singing and playing. The regular vocal group in music is called Alankar.


The ornaments are also called inverted. Each student of music is taught the ornaments first. With this, they also get vocal knowledge and practice of singing. The ascension of each ornament is descending and the vowels are also placed in that order.



नीचे कुछ शुद्ध स्वरों में अलंकार दिए गए हैं-


7.👉 शुद्ध स्वरों के 1से 5 अलंकार


(अलंकार नंबर 1)


आरोह-।   सा रे ग म प ध नि सां।
अवरोह-   सां नि ध प म  ग रे सा।।


(अलंकार नंबर 2)


आरोह- सासा, रेरे, गग, मम, पप, धध, निनि, सांसां।
अवरोह -सांसां, निनि, धध, पप, मम, गग, रेरे, सासा।।


(अलंकार नंबर 3)


आरोह- साग, रेम, गप, मध, पनि, धसां।
अवरोह- सांध, निप, धम, पग, मरे, गसा।।




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