Skip to main content

Sangeet Gayan | part 6.5 #आरोह, #अवरोह और #पकड़ की परिभाषा | definition of aaroh , avroh and pakad in music | indian music theory

 

👉 आरोह, अवरोह और पकड़ की परिभाषा


जब संगीत सीखना आरंभ करते हैं तो हारमोनियम पर 'सा रे ग म प ध नि सां और सां नी ध प म ग  रे सा' इस क्रिया का बार-बार अभ्यास किया जाता है तो इस क्रिया को संगीत में आरोह अवरोह कहते हैं। आरोह अवरोह की परिभाषा निम्न प्रकार से है-


------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------

ENGLISH TRANSLATE

------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------

4👉 Definition of mount, descent and grip
 
When you start learning music, this action is repeatedly practiced on the harmonium, 'Sa Re Ga Ma Pa Padhi Ni Sa and Sa Ni Ni Pa Pa Ma Ga Re Sa'. The definition of ascension is as follows:



 

👉आरोह-


 

आरोह का अर्थ है ऊपर चढ़ना। नीचे के स्वर से ऊंचे स्वर तक अर्थात सा से नि स्वर तक गाने बजाने के क्रम को संगीत में आरोह कहते हैं जैसे कि सा रे ग म प ध नि सां


 

👉अवरोह


 

अवरोह  का अर्थ है ऊपर से नीचे उतरना। अतः ऊपर के स्वर से नीचे के स्वर तक आने की प्रक्रिया को संगीत में अवरोह कहते हैं जैसे कि सां नी ध प म ग रे सा।


------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------

ENGLISH TRANSLATE

------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------

Aroha (acsending)
 
Aaroh means climbing up. The order of playing songs from low to low, that is, from sa to ni, is called as a mount in music, such as :

Sa Re Ga Ma Pa Dha Ni  Sa
 


Avroha (dcsending )-

 
Descent means descending from top to bottom. Therefore, the process of moving from the upper voice to the lower one is called Avaroh in music, such as the soundtrack.

SA Ni Dha Pa Ma Ga Re Sa


 

👉पकड़ -


 

स्वरों का वह छोटे से छोटा स्वर समूह जिससे राग की पहचान हो सके उसे पकड़ कहते हैं। किसी भी राग की पकड़ के स्वर गाने से उस राग का पता चल जाता है। उदाहरण के तौर पर राग भूपाली की पकड़ के स्वर 'ग रे सा,सा,रे ग' गाने से ही राग भूपाली का बोध हो जाता है


------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------

ENGLISH TRANSLATE

------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------

Catch (Pakad)-
 
That small, small set of vowels that can identify a raga is called a catch. The sound of the sound of any raga is revealed by the singing of that raga. For example, the sound of raga Bhupali's catch 'Ga re sa, sa re g' makes sense of raga Bhupali.

















Blogspot site पर संगीत गायन के महत्वपूर्ण प्रश्नों को जानने के लिए संपर्क करें।


Soni music only 4 U


https://www.youtube.com/channel/UC8yVGPK_-9p1bQQPsHwGjfQ

https://www.youtube.com/c/INDIANMUSICTHEORYsunilkumarsoni

------------------------------------------------------------------------


संगीत विषय संबंधी प्रैक्टिकल कार्य सीखने के लिए नीचे दिए गए चैनल पर वीडियो देखें


Sunil Kumar Soni
Soni Music Only 4 U (YouTube channel

send mess.    ssreeta1@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

संगीत गायन संबंधी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर कक्षा छठी से आठवीं तक के पाठ्यक्रम के अनुसार

  संगीत गायन भाग 1(बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर) 1. सप्तक की परिभाषा व प्रकार 2 आरोह अवरोह और पकड़ की परिभाषा 3 राग भूपाली का शास्त्रीय परिचय 4 अलंकार की परिभाषा 5. कहरवा  ताल 6. स्वर की परिभाषा व प्रकार 7. ताल विभाग मात्रा ताली बोल सम खाली आवर्तन आदि की परिभाषाएं 🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼 प्र1 सात स्वरों के क्रमिक समूह को क्या कहते हैं ऊ सप्तक प्र2 एक सप्तक में शुद्ध कोमल और तीव्र कुल मिलाकर कितने स्वर होते हैं ऊ 12 प्र3 सप्तक के यह स्वर क्रमश एक दूसरे से क्या होते हैं ऊ ऊंचे होते हैं प्र4 वैज्ञानिक दृष्टि से प्रत्येक ध्वनि में क्या होता है ऊ कंपन प्र5 कंपन को और किस नाम से पुकारा जाता है ऊ आंदोलन प्र6 जैसे-जैसे आवाज ऊंची होती है आंदोलनों की संख्या में क्या फर्क आता है ऊ आंदोलनों की संख्या भी बढ़ती है प्र7 सप्तक के कितने प्रकार हैं ऊ सप्तक तीन प्रकार का होता है प्र8 सप्तक के तीन प्रकार कौन-कौन से हैं ऊ मध्य सप्तक, मंद्र सप्तक और तार सप्तक प्र9 आवाज कि वह साधारण ऊंचाई जा मुख्य रूप से गायन किया जाता है क्या कहलाता है ऊ मध्य सप्तक प्र10 क्या मध्य सप्तक में...

PART -3 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS.

  PART -3 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS . 1. थाट की परिभाषा व इसके प्रकार। 2. 10 थाटों के स्वर  पर अलंकार। 3. राग की परिभाषा व नियम। 4. ताल दादरा का परिचय। 5. राग यमन का शास्त्रीय परिचय । उक्त परिभाषाओं से संबंधित नीचे बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर प्रस्तुत है- प्रश्न 1. एक सप्तक में कितने स्वर होते हैं। उत्तर-12 स्वर होते हैं। प्रश्न 2. थाट स्वरों का वह समूह है इससे किस की उत्पत्ति होती है। उत्तर-रागों की प्रश्न 3.संगीत के प्राचीन ग्रंथों में थाट को क्या कहते हैं उत्तर- मेल। प्रश्न 4.आजकल मेल के स्थान पर क्या शब्द प्रचलित है। उत्तर- थाट। प्रश्न 5. थाट के स्वरों में क्या उत्पन्न करने की शक्ति होनी चाहिए। उत्तर- राग। प्रश्न 6. एक थॉट में कम से कम और अधिक से अधिक कितने स्वर अनिवार्य है। उत्तर- सात स्वर अनिवार्य है। प्रश्न 7. कितने स्वरों में से सात स्वरों को चुनकर थाट बनता है। उत्तर- 12 स्वरों में से। प्रश्न 8.थाट के सात स्वर किस अनुसार लगते हैं। उत्तर- क्रमानुसार। प्रश्न 9. थाट में आरोह अवरोह में से किसका प्रयोग किया जाता है। उत्तर- केवल आरोह का। प्रश्...

Sangeet Gayan | Part- 6.7 | #स्थाई और #अंतरा की परिभाषा | Definition of sthai and antra in music | indian music theory

  👉  स्थाई और अंतरा की परिभाषा प्रत्येक गीत, भजन या लोकगीत आदि के 2 भाग होते हैं इन्हीं दो भागों को स्थाई और अंतरा कहते हैं 👉स्थाई गीत के पहले भाग को स्थाई कहते हैं। इस भाग को बार-बार गाया जाता है। स्थाई मुख्य रूप से मंद्र और मध्य सप्तक के स्वरों में गाई जाती है। 👉 अंतरा गीत के दूसरे भाग को अंतरा कहते हैं। किसी गीत के अंतरे एक से अधिक भी हो सकते हैं। यह अधिकतर मध्य और तार सप्तक के स्वरों में गाया जाता है प्रत्येक अंतरे के समाप्त होने पर गायक स्थाई की पंक्तियां गाकर अगला अंतरा गाता है। ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ ENGLISH TRANSLATE ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ 8.👉 Definition of Sthai and Antra Each song, bhajan or folk song etc. has 2 parts, these two parts are called permanent and antara (Sthai and Antra). Sthai The first part of the song is called Sthai. This part is sung again and again. Permanent is sung mainly...