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Sangeet Gayan | Part - 6.9 |राग भूपाली का शास्त्रीय परिचय | राग भूपाली की बंदिश (स्वरलिपि ) छोटा ख्याल

  राग भूपाली का शास्त्रीय   परिचय राग भूपाली  की बंदिश  (स्वरलिपि ) छोटा ख्याल  1👉राग -भूपाली 2.👉थाट-कल्याण 3.👉 जाति- औड़व-औड़व 4.👉 वर्जित स्वर- म और नि स्वर 5.👉 वादी -ग (गंधार) 6.👉संवादी - ध (धैवत) 7.👉गायन समय- रात्रि का प्रथम प्रहर 8.👉 आरोह- सा रे ग,प ध, सां 9.👉अवरोह-  सांध, पग, रे सा। 10.👉 पकड़- गरेसा,ध, सारेग ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ ENGLISH TRANSLATE ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ 👉 Classical Introduction to Raga Bhupali and Notation system 1-   👉    Raag - Bhupali 2.  👉 Thaat Kalyan 3.  👉   Caste-Odhav-Odhav 4.     👉   Forbidden Vowel-Ma and Ni-Vowel 5.      👉  V adi swar -Ga (Gandhar) 6.👉    Swandi Swar is - Dha (dhewat) 7.👉   Singing Time - first stroke of night 8.👉   Aar...

SANGEET GAYAN (PART- 8.6) | राग खमाज का शास्त्रीय परिचय | CLASSICAL INTRODUCTION OF RAAG KHAMAJ

  👉 राग खमाज का शास्त्रीय परिचय 1👉राग -खमाज   2.👉थाट-खमाज   3.👉 जाति- षाड़व-सम्पूर्ण   4.👉 वर्जित स्वर- आरोह में रे वर्जित   5.👉 वादी - ग (गंधार)   6.👉संवादी - नि (निषाद)   7.👉गायन समय- रात्रि का दूसरा प्रहर।   8.👉 आरोह- साग, मपधनि,सां   9.👉अवरोह-  सांनि,धपमग,रेसा।   10.👉 पकड़- नि॒,न, मप, ध, मग। संगीत अध्यापक सुनील कुमार यूट्यूब चैनल Soni music only 4 U Subscribe करने केलिए धन्यवाद 🙏 Blogspot site पर संगीत गायन के महत्वपूर्ण प्रश्नों को जानने के लिए संपर्क करें। Soni music only 4 U https://www.youtube.com/channel/UC8yVGPK_-9p1bQQPsHwGjfQ https://www.youtube.com/c/INDIANMUSICTHEORYsunilkumarsoni ------------------------------------------------------------------------ संगीत विषय संबंधी प्रैक्टिकल कार्य सीखने के लिए नीचे दिए गए चैनल पर वीडियो देखें Sunil Kumar Soni Soni Music Only 4 U ( YouTube channel send mess.      ssreeta1@gmail.com

SANGEET GAYAN (PART-8.5) राग भैरव का शास्त्रीय परिचय | CLASSICAL INTRODUCTION OF RAAG BHAIRAV

  👉राग भैरव का शास्त्रीय परिचय 1👉राग -भैरव   2.👉थाट-भैरव   3.👉 जाति- सम्पूर्ण-सम्पूर्ण   4.👉स्वर- रे॒ और ध॒ स्वर कोमल शेष शुद्ध स्वर   5.👉 वादी -ध ॒(धैवत कोमल)   6.👉संवादी - रे॒ (ऋषभ कोमल)   7.👉गायन समय- प्रातः काल   8.👉 आरोह- सा रे॒, गमप, ध॒, निसां   9.👉अवरोह-  सांनिध॒, पमगरे॒, सा।   संगीत अध्यापक सुनील कुमार यूट्यूब चैनल Soni music only 4 U Subscribe करने केलिए धन्यवाद 🙏 Blogspot site पर संगीत गायन के महत्वपूर्ण प्रश्नों को जानने के लिए संपर्क करें। Soni music only 4 U https://www.youtube.com/channel/UC8yVGPK_-9p1bQQPsHwGjfQ https://www.youtube.com/c/INDIANMUSICTHEORYsunilkumarsoni ------------------------------------------------------------------------ संगीत विषय संबंधी प्रैक्टिकल कार्य सीखने के लिए नीचे दिए गए चैनल पर वीडियो देखें Sunil Kumar Soni Soni Music Only 4 U ( YouTube channel send mess.      ssreeta1@gmail.com

SANGEET GAYAN (PART-8.4) खयाल की परिभाषा व प्रकार | DEFINITION OF KHYAL AND PARTS IN MUSIC

  👉खयाल की परिभाषा व प्रकार   आधुनिक युग में शास्त्रीय संगीत गायन में सबसे अधिक लोकप्रिय गायन शैली ख्याल गायन है। शास्त्रीय संगीत गायन के कार्यक्रमों संगीत की महफिलों, रेडियो, दूरदर्शन पर भी मुख्य रूप से इसी गायन शैली का प्रदर्शन किया जाता है।         ख्याल गायन का अविष्कार 15वीं शताब्दी में सुल्तान हुसैन शकिऀ के द्वारा हुआ माना जाता है इससे पहले धु्पद नाम की गायन शैली का ही प्रचार था।       किसी भी राग के नियमों का पालन करते हुए जब गायक शब्दों में स्वरों को अपनी कल्पना और कला कौशल से भिन्न भिन्न प्रकार के अलावा व तानों से सजाकर राग प्रस्तुत करता है तो उसे ख्याल गायन कहते हैं।      ख्याल गायन दो प्रकार के हैं   👉बड़ा ख्याल 👉छोटा ख्याल   बड़ा ख्याल बड़ा ख्याल विलंबित लय में गाया जाता है। इसके दो भाग स्थाई और अंतरा होते हैं। संगीत सम्मेलनों में कलाकार पहले बड़ा ख्याल भी गाता है। इसकी प्रकृति गंभीर होने के कारण श्रोताओं पर इस गायन का विशेष प्रभाव पड़ता है। गायक अपनी कला का सर्वाधिक प्रदर्शन इस गायन द्वा...

sangeet gayan (part-7.5) | राग यमन का शास्त्रीय परिचय | राग यमन का स्थाई और अंतरा अर्थात राग यमन की बंदिश

  👉 राग यमन का शास्त्रीय परिचय   1👉राग -यमन   2.👉थाट-कल्याण   3.👉 जाति- संपूर्ण संपूर्ण   4.👉 स्वर- म॑ तीव्र शेष स्वर शुद्ध   5.👉 वादी -ग (गंधार)   6.👉संवादी - नि (निषाद)   7.👉गायन समय- रात्रि का प्रथम प्रहर   8.👉 आरोह-  सा रे ग म॑ प ध नि सां                            अथवा 👉अरोह- ऩिरेग,म॑धनि,सां                                                        अवरोह- सांनि, धपम॑ग, रे सा।   10.👉 पकड़- पम॑गरे, ऩिरेसा      इस राग की उत्पत्ति कल्याण थाट से मानी जाती है। इसमें मध्यम म॑ स्वर् तीव्र व अन्य शेष स्वर शुद्ध लगते हैं। इस राग का वादी स्वर ग गंधार तथा संवादी नि निषाद माना जाता है। इस राग में सातों स्वरों का प्रयोग होता है। इसलिए इसकी जाति...

SANGEET GAYAN (PART-7.4) | #गीत, #लक्षण गीत, #सरगम गीत की परिभाषा | GEET | LAKSHAN GEET | SARGAM GEET

  👉 गीत, लक्षण गीत, सरगम गीत  की परिभाषा   👉 गीत जिस प्रकार ईश्वर की प्रार्थना या स्तुति संबंधी रचनाएं जिन्हें स्वर और ताल सहित गाया जाता है, को भजन कहते हैं उसी प्रकार काव्य की वे रचनाएं जो स्वर और ताल सहित गाई जाती है गीत कहलाती है। गीतों में भावों की प्रधानता होती है। इनमें मुख्य रूप से हर्ष, उल्लास और करुणा की भावनाएं विद्यमान रहती है। गीत, सुगम संगीत के अंतर्गत आते हैं इसलिए इनके गायन में किसी प्रकार का बंधन नहीं होता।  गीत का मुख्य उद्देश्य जनसाधारण के मन को प्रसन्न करना होता है। 👉 लक्षण गीत वह गीत जो किसी विशेष राग में गाया जाए तथा जिसके शब्दों से उस राग का पूरा परिचय मिले लक्षण गीत कहलाता है। लक्षण गीत के द्वारा हमें मुख्य रूप से राग में लगने वाले शुद्ध या कोमल स्वरों, थाट, वादी संवादी तथा गायन समय का पता लगता है।   👉 सरगम गीत किसी राग के स्वरों की वह रचना जो ताल सहित गाई जाती है सरगम गीत कहलाती है। सरगम गीत में शब्दों का प्रयोग नहीं होता इसके द्वारा राग में लगने वाले स्वरों का तथा उसके स्वरूप का ज्ञान प्राप्त हो जाता है। इसके गाने से राग के स्वरों क...

Sangeet Gayan | Part - 6.8 | #राग #भूपाली का शास्त्रीय परिचय |classical definition of Raag Bhupali | indian music theory

  👉 राग भूपाली का शास्त्रीय   परिचय 1👉राग -भूपाली 2.👉थाट-कल्याण 3.👉 जाति- औड़व-औड़व 4.👉 वर्जित स्वर- म और नि स्वर 5.👉 वादी -ग (गंधार) 6.👉संवादी - ध (धैवत) 7.👉गायन समय- रात्रि का प्रथम प्रहर 8.👉 आरोह- सा रे ग,प ध, सां 9.👉अवरोह-  सांध, पग, रे सा। 10.👉 पकड़- गरेसा,ध, सारेग ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ ENGLISH TRANSLATE ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ 👉 Classical Introduction to Raga Bhupali and Notation system 1-   👉    Raag - Bhupali 2.  👉 Thaat Kalyan 3.  👉   Caste-Odhav-Odhav 4.     👉   Forbidden Vowel-Ma and Ni-Vowel 5.      👉  V adi swar -Ga (Gandhar) 6.👉    Swandi Swar is - Dha (dhewat) 7.👉   Singing Time - first stroke of night 8.👉   Aaroh (Ascending order) - Sa Re Ga, Pa dha, Sa 9.👉   Av...