Skip to main content

LEARN DADRA TAAL (INDIAN MUSIC THEORY) दादरा ताल कैसे सीखें एक गुण, दो गुण

 

LEARN DADRA  TAAL (INDIAN MUSIC THEORY) दादरा  ताल कैसे सीखें एक गुण, दो  गुण




दादरा ताल  

DADRA  TAAL


संगीत में किसी भी ताल को लिखने के लिए सबसे पहले उसकी मात्राओं, विभाग, बोल और चिन्ह का पता होना आवश्यक है तथा फिर उसको क्रम अनुसार कैसे लिखना है उसका ज्ञान होना जरुरी है | आज हम दादरा  ताल के बारें में क्रम अनुसार जानेंगे कि  किस प्रकार इसको लिखा और  याद किया जा सकता है | 



किसी भी ताल को जब लिखना शुरू  करते है तो सबसे पहले मात्राओं को लिखा जाता है |
  



1. मात्राएं :     

दादरा  ताल में कुल 6  मात्राओं का प्रयोग किया जाता है | 

मात्राएं :  1 2 3 4 5 6  




किसी भी ताल की मात्रायें लिखने  के बाद उसको विभागों में बांटा है | 




2 . विभाग  : 
एक ताल में कुल  3-3 मात्राओं के दो विभागों का  प्रयोग किया जाता है यानि कि प्रत्येक तीसरी  मात्रा के बाद एक लाइन खींची जाती है जिसे विभाग कहा जाता है 


मात्राएं : 1 2  | 4  5  6 
 


3. बोल :

दादरा  ताल में कुल  3  -3  मात्राओं के  दो   विभागों का  प्रयोग करने के बाद प्रत्येक मात्रा के नीचे एक -एक बोल लिखा जाता है| अलग -अलग तालों के अलग -अलग बोल होते है | यदि एक मात्रा के नीचे एक बोल होगा तो उसे उस ताल का एक गुण कहा जाता है और यदि  एक मात्रा के नीचे दो  बोल होंगे  तो उसे उस ताल का दो  गुण कहा जाता है| इसी प्रकार तीन बोल में  तीन गुण और चार बोल लिखने पर उसे उस ताल का चार  गुण कहा जाता है |  



मात्राएं :     1         2       3           |  4       5         6  
बोल    :    धा       धीं      ना          |  धा     तीं       ना 









4. चिन्ह :

दादरा  ताल में कुल  3 -3    मात्राओं के  दो   विभागों का  प्रयोग और बोल को लिखने के बाद सबसे ऊपर उसके चिहन लगाए जाते है | चिहनों से ही पता चलता है  कि कौन सी मात्रा पर सम, ताली या खाली का प्रयोग किया जायेगा | 

यहाँ सम से अभिप्राय है किसी भी ताल की पहली मात्रा के ऊपर काटे (X ) का चिह्न जिसे संगीत  में सम कहा जाता है | उत्तर भारत संगीत की सिर्फ रूपक ताल को छोड़कर शेष सभी तालों में पहली मात्रा के ऊपर सम का चिह्न लगाया जाता है जब कि रूपक ताल की पहली मात्रा पर खाली यानि कि जीरो (0 ) लिखा जाता है |  


यहाँ ताली  से अभिप्राय है किसी भी ताल में सम और खाली को छोड़कर जहाँ भी मात्राओं के ऊपर चिह्न के रूप में  2, 3, 4, 5 इत्यादि लिखा होता है वहां ताली का प्रयोग किया जायेगा 


नोट: चिह्न हमेशा तालों में विभाग के बाद लगने वाली मात्रा के ऊपर प्रयोग किये जाते है | 


दादरा  ताल ( एक गुण )  

DADRA  TAAL


चिह्न    :                                 | 0                     
मात्राएं :     1         2       3           |  4       5         6  
बोल    :    धा       धीं      ना          |  धा     तीं       ना 








दादरा  ताल ( दो  गुण )  

DADRA  TAAL


दादरा  ताल ( दो  गुण ): किसी भी ताल का दो गुण लिखने के लिए उसके एक गुण से सहायता ली जा सकती  है | एक गुण में से पहले दो बोलों को जोड़कर उसे दो गुण में पहली मात्रा के नीचे एक साथ लिख देंगे फिर  एक गुण में से पहले दो बोलों को छोड़कर  अगले दो बोल  जोड़कर उसे दो गुण में दूसरी  मात्रा के नीचे एक साथ लिख देंगे|  इसी प्रकार आगे के सभी बोलों को एक गुण में से देखते हुए दो गुण में लिखते जायेंगे| दो गुण जब लिखें तो दोनों बोलों के नीचे अर्धचंद्र का चिह्न लगाया जाता है | 


नोट: दो गुण में केवल बोल बदले जाते है शेष मात्रा,  विभाग और चिह्न एक गुण की तरह ही लगाए जाते है | 





चिह्न    :    X                               | 0                     
मात्राएं :     1         2       3           |  4       5         6 



दादरा  ताल ( दो  गुण )


चिह्न    :    X                                  | 0                              
मात्राएं :     1         2          3           |  4         5           6        
बोल    :    धाधीं   नाधा     तींना        | धाधीं   नाधा     तींना     



दादरा  ताल  को  और अधिक समझने के लिए नीचे की वीडियो देख सकते है 












संगीत अध्यापक
सुनील कुमार


यूट्यूब चैनल


Soni music only 4 U
Subscribe करने केलिए धन्यवाद 🙏


Blogspot site पर संगीत गायन के महत्वपूर्ण प्रश्नों को जानने के लिए संपर्क करें।


Soni music only 4 U


https://www.youtube.com/channel/UC8yVGPK_-9p1bQQPsHwGjfQ

https://www.youtube.com/c/INDIANMUSICTHEORYsunilkumarsoni

------------------------------------------------------------------------


संगीत विषय संबंधी प्रैक्टिकल कार्य सीखने के लिए नीचे दिए गए चैनल पर वीडियो देखें


Sunil Kumar Soni
Soni Music Only 4 U (YouTube channel

send mess.    ssreeta1@gmail.com


Comments

Popular posts from this blog

संगीत गायन संबंधी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर कक्षा छठी से आठवीं तक के पाठ्यक्रम के अनुसार

  संगीत गायन भाग 1(बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर) 1. सप्तक की परिभाषा व प्रकार 2 आरोह अवरोह और पकड़ की परिभाषा 3 राग भूपाली का शास्त्रीय परिचय 4 अलंकार की परिभाषा 5. कहरवा  ताल 6. स्वर की परिभाषा व प्रकार 7. ताल विभाग मात्रा ताली बोल सम खाली आवर्तन आदि की परिभाषाएं 🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼 प्र1 सात स्वरों के क्रमिक समूह को क्या कहते हैं ऊ सप्तक प्र2 एक सप्तक में शुद्ध कोमल और तीव्र कुल मिलाकर कितने स्वर होते हैं ऊ 12 प्र3 सप्तक के यह स्वर क्रमश एक दूसरे से क्या होते हैं ऊ ऊंचे होते हैं प्र4 वैज्ञानिक दृष्टि से प्रत्येक ध्वनि में क्या होता है ऊ कंपन प्र5 कंपन को और किस नाम से पुकारा जाता है ऊ आंदोलन प्र6 जैसे-जैसे आवाज ऊंची होती है आंदोलनों की संख्या में क्या फर्क आता है ऊ आंदोलनों की संख्या भी बढ़ती है प्र7 सप्तक के कितने प्रकार हैं ऊ सप्तक तीन प्रकार का होता है प्र8 सप्तक के तीन प्रकार कौन-कौन से हैं ऊ मध्य सप्तक, मंद्र सप्तक और तार सप्तक प्र9 आवाज कि वह साधारण ऊंचाई जा मुख्य रूप से गायन किया जाता है क्या कहलाता है ऊ मध्य सप्तक प्र10 क्या मध्य सप्तक में...

PART -3 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS.

  PART -3 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS . 1. थाट की परिभाषा व इसके प्रकार। 2. 10 थाटों के स्वर  पर अलंकार। 3. राग की परिभाषा व नियम। 4. ताल दादरा का परिचय। 5. राग यमन का शास्त्रीय परिचय । उक्त परिभाषाओं से संबंधित नीचे बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर प्रस्तुत है- प्रश्न 1. एक सप्तक में कितने स्वर होते हैं। उत्तर-12 स्वर होते हैं। प्रश्न 2. थाट स्वरों का वह समूह है इससे किस की उत्पत्ति होती है। उत्तर-रागों की प्रश्न 3.संगीत के प्राचीन ग्रंथों में थाट को क्या कहते हैं उत्तर- मेल। प्रश्न 4.आजकल मेल के स्थान पर क्या शब्द प्रचलित है। उत्तर- थाट। प्रश्न 5. थाट के स्वरों में क्या उत्पन्न करने की शक्ति होनी चाहिए। उत्तर- राग। प्रश्न 6. एक थॉट में कम से कम और अधिक से अधिक कितने स्वर अनिवार्य है। उत्तर- सात स्वर अनिवार्य है। प्रश्न 7. कितने स्वरों में से सात स्वरों को चुनकर थाट बनता है। उत्तर- 12 स्वरों में से। प्रश्न 8.थाट के सात स्वर किस अनुसार लगते हैं। उत्तर- क्रमानुसार। प्रश्न 9. थाट में आरोह अवरोह में से किसका प्रयोग किया जाता है। उत्तर- केवल आरोह का। प्रश्...

संगीत गायन विषय का पाठ्यक्रम कक्षा छठी से आठवीं का मई से मार्च तक(हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी और एससीईआरटी के अंतर्गत)

🎶भाग-1(संगीत गायन)🎶 🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼 🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼   ALL READER THIS PAGE CAN READ IN HINDI AND ENGLISH BOTH LANGUAGE BELOW     1👉संगीत की परिभाषा व अंग।   2👉स्वर की परिभाषा और स्वर के प्रकार।   3👉सप्तक की परिभाषा और सप्तक के प्रकार।   4👉 आरोह, अवरोह और पकड़ की परिभाषा।   5👉 ताल, मात्रा, विभाग, सम, बोल, ताली, खाली, आवर्तन इत्यादि की परिभाषाएं   6.👉 अलंकार की परिभाषा   7.👉 शुद्ध स्वरों पर 1से 5 अलंकार   8.👉  स्थाई और अंतरा की परिभाषा   9.👉 राग भूपाली का शास्त्रीय    परिचय   10. 👉 राग भूपाली का स्थाई और  अंतरा, तानें सहित बंदिश ------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ ENGLISH TRANSLATE 🎶 Part-1 (Music Vocal (Singing)   1 Definition and part of music. Definition of vowel and vowel Type. Definition of octave and octave  Types of. 4👉 mount, descent and grip definition. 5👉 Rhythm, volume, department, even, lyrics...