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Indian beat, Jhap Taal, झप ताल, भारतीय संगीत, Indian music theory basic

LEARN JHAP TAAL (INDIAN MUSIC THEORY)  झप ताल कैसे सीखें एक गुण, दो  गुण




झप ताल
  

JHAP  TAAL


संगीत में किसी भी ताल को लिखने के लिए सबसे पहले उसकी मात्राओं, विभाग, बोल और चिन्ह का पता होना आवश्यक है तथा फिर उसको क्रम अनुसार कैसे लिखना है उसका ज्ञान होना जरुरी है | आज हम झप  ताल के बारें में क्रम अनुसार जानेंगे कि  किस प्रकार इसको लिखा और  याद किया जा सकता है | 



किसी भी ताल को जब लिखना शुरू  करते है तो सबसे पहले मात्राओं को लिखा जाता है |
  



1. मात्राएं :     

झप  ताल में कुल 10  मात्राओं का प्रयोग किया जाता है | 

मात्राएं :  1 2 3 4 5 6 7 8 9 10  




किसी भी ताल की मात्रायें लिखने  के बाद उसको विभागों में बांटा है | 




2 . विभाग  : 
झप ताल में कुल  2-3-2-3    मात्राओं के  चार   विभागों का  प्रयोग किया जाता है यानि कि प्रत्येक दूसरी मात्रा के बाद एक लाइन, पांचवी  मात्रा के बाद दूसरी लाइन, सांतवी   मात्रा के बाद तीसरी  लाइन खींची जाती है जिसे विभाग कहा जाता है 


मात्राएं : 1 2  3  4  5   6   7      9  10   
 


3. बोल :

झप ताल में कुल  2-3-2-3  मात्राओं के  चार   विभागों का  प्रयोग करने के बाद प्रत्येक मात्रा के नीचे एक -एक बोल लिखा जाता है| अलग -अलग तालों के अलग -अलग बोल होते है | यदि एक मात्रा के नीचे एक बोल होगा तो उसे उस ताल का एक गुण कहा जाता है और यदि  एक मात्रा के नीचे दो  बोल होंगे  तो उसे उस ताल का दो  गुण कहा जाता है| इसी प्रकार तीन बोल में  तीन गुण और चार बोल लिखने पर उसे उस ताल का चार  गुण कहा जाता है |  



मात्राएं : 1     2  | 3    4    5 | 6    7 | 8    9    10 
 
बोल    :    धीं      ना   | धीं      धीं       ना   | तीं       ना   | धीं       धीं         ना       









4. चिन्ह :

झप  ताल में कुल  2-3-2-3 मात्राओं के  चार   विभागों का  प्रयोग और बोल को लिखने के बाद सबसे ऊपर उसके चिहन लगाए जाते है | चिहनों से ही पता चलता है  कि कौन सी मात्रा पर सम, ताली या खाली का प्रयोग किया जायेगा | 

यहाँ सम से अभिप्राय है किसी भी ताल की पहली मात्रा के ऊपर काटे (X ) का चिह्न जिसे संगीत  में सम कहा जाता है | उत्तर भारत संगीत की सिर्फ रूपक ताल को छोड़कर शेष सभी तालों में पहली मात्रा के ऊपर सम का चिह्न लगाया जाता है जब कि रूपक ताल की पहली मात्रा पर खाली यानि कि जीरो (0 ) लिखा जाता है |  


यहाँ ताली  से अभिप्राय है किसी भी ताल में सम और खाली को छोड़कर जहाँ भी मात्राओं के ऊपर चिह्न के रूप में  2, 3, 4, 5 इत्यादि लिखा होता है वहां ताली का प्रयोग किया जायेगा 


नोट: चिह्न हमेशा तालों में विभाग के बाद लगने वाली मात्रा के ऊपर प्रयोग किये जाते है | 


झप ताल  ( एक गुण )  

JHAP  TAAL


चिह्न    :      X            |  2                         | 0                | 3                              

मात्राएं : 1     2  3    4    5 | 6    7 | 8    9    10 
 
बोल    :    धीं      ना   | धीं      धीं       ना   | तीं       ना   | धीं       धीं         ना   








झप  ताल ( दो  गुण )  

JHAP  TAAL


झप  ताल ( दो  गुण ): किसी भी ताल का दो गुण लिखने के लिए उसके एक गुण से सहायता ली जा सकती  है | एक गुण में से पहले दो बोलों को जोड़कर उसे दो गुण में पहली मात्रा के नीचे एक साथ लिख देंगे फिर  एक गुण में से पहले दो बोलों को छोड़कर  अगले दो बोल  जोड़कर उसे दो गुण में दूसरी  मात्रा के नीचे एक साथ लिख देंगे|  इसी प्रकार आगे के सभी बोलों को एक गुण में से देखते हुए दो गुण में लिखते जायेंगे| दो गुण जब लिखें तो दोनों बोलों के नीचे अर्धचंद्र का चिह्न लगाया जाता है | 


नोट: दो गुण में केवल बोल बदले जाते है शेष मात्रा,  विभाग और चिह्न एक गुण की तरह ही लगाए जाते है | 





 चिह्न    :      X            |  2                         | 0                | 3                              

मात्राएं : 1     2  3    4    5 | 6    7 | 8    9    10




झप  ताल ( दो  गुण )


चिह्न    :      X                 |  2                                |   0                  |  3                              

मात्राएं : 1       2    |  3     4     5  | 6     7  | 8    9    10 
 बोल    :    धींना   धींधीं   |  नातीं    नाधीं   धींना  | धींना   धींधीं  | नातीं   नाधीं   धींना



झप  ताल  को  औरअधिक समझने के लिए नीचे की वीडियो देख सकते है 


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ENGLISH TRANSLATION 

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 Today we learn about 

                 Jhap Taal.                  


It's also very important Taal in Indian music theory and practical. In jhap Taal there are many rules like other taal.


 All Taal written style is same. But only some rules were changed.


let's go with below step then very easily we can learn Indian beat jhap Taal.



1. There are 10 matras in jhap Taal.


2. Each part divided into 2-3-2-3 pattern. Final example given below after all points.in Indian music we can say part is vibag.(विभाग)



3. On first matra we can write X (cross) sign its name is Sam.(सम)



4. After first part second sign is taali and write on 3rd matras 2.



5. After second part third sign is 0 (zero) its name is khali. (खाली)  It's write on 6th matras.



6. After third part fourth sign is 3 (use taali). It's write on 8th matras .



7. There are 10 Bol in jhap Taal .all bol write below the matras.each bol in each matras.



8. Now our jhap Taal is ready. We can write like below pattern.



झप ताल ( एक गुण) 
jhap Taal (ek ghun)


चिह्न    :      X            |  2                         | 0                | 3                              

मात्राएं : 1     2  3    4    5 | 6    7 | 8    9    10 
 
बोल    :    धीं      ना   | धीं      धीं       ना   | तीं       ना   | धीं       धीं         ना   



Let's start practically and theory of jhap Taal with this vedio. With this vedio we can learn about many more Indian beat.












संगीत अध्यापक
सुनील कुमार


यूट्यूब चैनल


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