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Indian Music Theory Objective Type Questions (Part - 7.1) Definition of Thaat and Alankar Practice On 10 Thaat (music vocal)

  🎶(संगीत गायन)🎶                               Indian Music Theory Objective Type   Questions  (Part - 7.1) Part - 7.1  (Objective Type Questions) 1 . थाट की  परिभाषा और प्रकार  ( Definition of Thaat) 2 . दस  थाटो  के स्वरों पर अलंकारो का अभ्यास  (  Practice of Alankar on ten Thaat vowels)   प्रश्न न0 1    एक सप्तक में शुद्ध, कोमल और तीव्र कुल मिलाकर कितने  स्वर होते हैं। उत्तर      12 स्वर  प्रश्न न0 2  सप्तक के इन 12 स्वरों से किसका  निर्माण होता है। उत्तर           थाटों का  प्रश्न न0 3    थाट स्वरों का वह समूह है जिससे  किसकी उत्पत्ति होती है उत्तर                 राग की प्रश्न न0 4    संगीत के प्राचीन ग्रंथों (मध्यकाल में)में थाट को  क्या कहते हैं।  उत्तर ...

Sangeet Gayan (Part- 8.1) The place of music in human life, Definition of raga and rules of raga

  Sangeet Gayan (Part- 8.1) The place of music in human life, Definition of raga and rules of raga 1.👉मानव जीवन में संगीत का स्थान 2👉राग की परिभाषा और नियम 1.👉मानव जीवन में संगीत का स्थान       मानव जीवन के कण-कण में संगीत समाया हुआ है। संगीत मानव हृदय की सुख-दुख और हर्षोल्लास की अभिव्यक्ति का सर्वोत्तम माध्यम रहा है। व्यक्ति अपनी अनेक भावनाओं को कभी गाकर या कभी नाच कर संगीत द्वारा प्रकट करता आया है। जन्मोत्सव विवाह तथा तीज त्योहारों आदि सभी में संगीत की मधुर ध्वनि सुनाई देती है। यही मधुरता उसके जीवन की नीरसता को समाप्त करके उसे सरस बनाती है।  हमारा कोई भी पर्व अथवा उत्सव ऐसा नहीं है जिसे संगीत के मधुर स्वरों से ना सजाया जाता हो। होली के रंग भरे रसिया, तीज के मदमस्त झूलों के गीत तथा बसंत की मादक हवा में लहराते बसंती गीत सभी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन गीतों को सुनकर हर व्यक्ति मस्ती से झूमने लगता है।  अनादि काल से संगीत मानव को अनंत शांति व आनंद प्रदान करता आ रहा है। महान संतों व महात्माओं ने भी परम ब्रह्मा से अपना संबंध संगीत द्वारा ही जोड़ा है। उनकी द...

Sangeet Gayan (Part- 7.1) Defination of Thaat in Indian music, How Can Make Alankar On 10 Thaat,

  1 . थाट की  परिभाषा और प्रकार   -: 2 . दस  थाटो  के स्वरों पर अलंकारो का अभ्यास   थाट की  परिभाषा-: थाट का अर्थ है ढांचा। जिस प्रकार झोपड़ी बनाने के लिए पहले ढांचा तैयार किया जाता है उसी प्रकार वाद्य के दंड पर पर्दे बांधकर उन्हें सरकाकर, राग के लिए जो स्वरूप बनाया जाता है उसे थाट कहते हैं। थाट शब्द का उपयोग तंत्री वाद्यों के लिए है               एक सप्तक में शुद्ध, कोमल और तीव्र कुल मिलाकर 12 स्वर होते हैं। सप्तक के इन स्वरों से थाटों का निर्माण होता है। 'थाट स्वरों का वह समूह है जिससे राग की उत्पत्ति होती है।' संगीत के प्राचीन ग्रंथों (मध्यकाल में)में थाट को मेल भी कहते हैं। आजकल थाट शब्द ही प्रचलित है। इसी मेल के पर्यायवाची रूप में उत्तर भारत में संस्थान शब्द था। अतः मेल, थाट, संस्थान यह एक ही है। थाट का अर्थ है ऐसी जगह जहां राग एकत्रित होकर वर्गीकृत होते हैं। उत्तर भारतीय संगीत में थाटों की संख्या समय-समय पर घटती बढ़ती रही। परंतु पंडित विष्णु नारायण भातखंडे जी ने ठाठ पद्धति को व्यवस्थित किया तथा 32 थाटो...