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PART -1.5 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1. Definition of vowel script. 2. Features of smooth music. 3. Introduction to three rhythms. 4. Definition of classical music. 5. Types of rhythms. 1. स्वर लिपि की परिभाषा। 2. सुगम संगीत की विशेषताएं। 3. तीन ताल का परिचय। 4. शास्त्रीय संगीत की परिभाषा। 5. लय के प्रकार।

  PART -1.5  (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1. स्वर लिपि की परिभाषा। 2. सुगम संगीत की विशेषताएं। 3. तीन ताल का परिचय। 4. शास्त्रीय संगीत की परिभाषा। 5. लय के प्रकार। उक्त परिभाषाओं से संबंधित नीचे बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर प्रस्तुत है- प्रश्न 1. संगीत की प्रत्येक रचना किससे की जाती है उत्तर- स्वरों से। प्रश्न 2 स्वरलिपि की रचना किस किस प्रकार की हो सकती है। उत्तर-  भजन, लोकगीत या राग  आदि के द्वारा। प्रश्न 3. जब किसी गीत अथवा भजन के शब्दों को स्वर और ताल के साथ लिखा जाता है क्या कहलाता है उत्तर- स्वरलिपि। प्रश्न 4. भारत में स्वरलिपि लिखने का लगभग कितने वर्ष पहले हुआ था। उत्तर- लगभग 90 वर्ष हुए हैं। प्रश्न 5. भारत में कितने प्रकार की स्वरलिपि पद्धतियां प्रचलित है। उत्तर- दो प्रकार की। प्रश्न 6.भारत में प्रचलित दोनों स्वरलिपि पद्धति के क्या नाम है उत्तर-  भातखंडे स्वरलिपि पद्धति और विष्णु दिगंबर पलुस्कर स्वरलिपि पद्धति। प्रश्न 7.भातखंडे और विष्णु दिगंबर पलुस्कर स्वरलिपि पद्धति को और किस नाम से पुकारा जाता है उत्तर- उत्तर भारतीय संगीत पद...

PART -2.5 1. Categories related to Harmonium tanpura and tabla. 2. Description of tabla parts. 3. Introduction to three rhythms. 4. National anthem script. (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1. हारमोनियम तानपुरा और तबला से संबंधित श्रेणियां। 2. तबले के अंगो का वर्णन। 3. तीन ताल का परिचय। 4. राष्ट्रीय गान की स्वरलिपि।

  PART -2.5 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1. हारमोनियम तानपुरा और तबला से संबंधित श्रेणियां। 2. तबले के अंगो का वर्णन। 3.  तीन ताल का परिचय। 4. राष्ट्रीय गान की स्वरलिपि। उक्त परिभाषाओं से संबंधित नीचे बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर प्रस्तुत है- प्रश्न 1. जिन वाद्यों फूंक द्वारा ध्वनि उत्पन्न होती है क्या कहलाते हैं। उत्तर- सुषिर वाद्य। प्रश्न 2.सुषिर वाद्य के उदाहरण दें। उत्तर- हारमोनियम, शहनाई, बांसुरी, माउथ ऑर्गन इत्यादि प्रश्न 3.तत वाद्य कौन से होते हैं। उत्तर- जिन वाद्यों में तारे लगी होती है प्रश्न 4.तत वाद्य के उदाहरण दें। उत्तर- सितार, गिटार, वीणा, एक तारा, वायलिन इत्यादि। प्रश्न 5. अवनद्य वाद्य कौन से होते हैं। उत्तर- जिन वाद्य मैं चमड़ा मढ़ा होता है। प्रश्न 6.अवनद्य वाद्य के उदाहरण दें। उत्तर- तबला, ढोलक, मृदंग आदि। प्रश्न 7.घन वाद्य किसे कहते हैं उत्तर- जिनमें चोट मारने पर आवाज आए या स्वर उत्पन्न हो। प्रश्न 8.घन वाद्य के उदाहरण दें। उत्तर- मंजीरा, झांझ, करताल तथा जल तरंग इत्यादि। प्रश्न 9.गायन वादन और नृत्य में ताल देने के लिए आजकल मुख्यता किस का प्रयो...

PART -2.4 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1. तानपुरे के अंगो का वर्णन। 2. राग काफी का शास्त्रीय परिचय। 3. झप ताल का परिचय। 4. सितार के अंगो का परिचय।

  PART -2.4 (INDIAN MUSIC THEORY) OBJECTIVE TYPE QUESTIONS. 1.  तानपुरे के अंगो का वर्णन। 2.  राग काफी का शास्त्रीय परिचय। 3. झप ताल का परिचय। 4. सितार के अंगो का परिचय। उक्त परिभाषाओं से संबंधित नीचे बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर प्रस्तुत है- प्रश्न 1. तानपुरे का प्रयोग किस में विशेष महत्व रखता है। उत्तर- गायन में। प्रश्न 2.तानपुरा किस की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं बजाया जाता। उत्तर-सितार की तरह। प्रश्न 3. तानपुरे में किसके सहारे गायन होता है। उत्तर- झंकार के सहारे। प्रश्न 4. तानपुरे में कुल कितने तारे होते हैं। उत्तर- चार। प्रश्न 5.तानपुरे का सबसे पहला तार कौन-कौन स्वर से मिलाया जाता है। उत्तर- मंद्र सप्तक के पंचम से या आवश्यकतानुसार माध्यम से। प्रश्न 6.तानपुरे के बीच की दोनों तारे क्या कहलाती है। उत्तर- जोड़ी के तार। प्रश्न 7. तानपुरे के बीच की दोनों तारे गायकस्वर से मिलाता है अपनी आवश्यकता के अनुसार। उत्तर- मध्य सप्तक के सा स्वर में। प्रश्न 8. तानपुरे में सबसे पहले कौन सी तारों को मिलाया जाता है। उत्तर- बीच की दोनों तारों को। प्रश्न 9.तानपुरे का चौथा तार कौन से स्वर में मिल...